बिजनेस प्लान — हिसाब के साथ
बिजनेस प्लान कैसे बनाएं: एक पेज का प्लान और बैंक वाली रिपोर्ट
अच्छा बिजनेस प्लान वह नहीं जो मोटा हो, बल्कि वह है जिसके नंबर आप बिना झिझक बैंक मैनेजर और अपने आप को समझा सकें।
इंटरनेट पर 'बिजनेस प्लान हिंदी में PDF' खोजने पर ढेरों तैयार टेम्पलेट मिल जाते हैं। दिक्कत यह है कि उनमें किसी और के बिज़नेस के नंबर होते हैं। बैंक अधिकारी रोज़ ऐसी रिपोर्ट देखते हैं और दो सवालों में समझ जाते हैं कि फ़ाइल आपकी सोच से बनी है या कॉपी की गई है।
इस गाइड में दो चीज़ें बनाना सीखेंगे: पहला, अपने लिए एक पेज का प्लान जिससे रोज़ के फैसले लिए जा सकें; दूसरा, उसी से निकली प्रोजेक्ट रिपोर्ट जो लोन देने वाला सच में पढ़ता है। बीच में एक छोटा उदाहरण है जिसमें ब्रेक-ईवन रुपयों में निकाला गया है।
पहले एक पेज का बिजनेस प्लान बनाइए
एक पेज पर ये आठ बातें लिखिए: आपका ग्राहक कौन है (जितना ख़ास, उतना अच्छा), उसकी कौन सी परेशानी हल हो रही है, आप क्या बेचेंगे, कीमत क्या होगी, ग्राहक आप तक कैसे पहुँचेगा, शुरुआत में कितना पैसा लगेगा, हर महीने का तय खर्च कितना है, और पहले 90 दिन का लक्ष्य क्या है।
'सब लोग हमारे ग्राहक हैं' लिखना सबसे आम गलती है। 'ऑफ़िस वाले इलाके में 25 से 40 साल के कामकाजी लोग जिन्हें घर जैसा खाना चाहिए' एक ग्राहक है; 'सब लोग' नहीं। इसी एक लाइन से आपकी कीमत, जगह और मार्केटिंग तय होती है।
यह पेज दीवार पर लगाने लायक होना चाहिए। अगर किसी फैसले पर उलझन हो, जैसे नया प्रोडक्ट जोड़ें या नहीं, तो इस पेज से पूछिए कि क्या वह आपके उसी ग्राहक की उसी परेशानी से जुड़ा है।
बिक्री का अनुमान नीचे से ऊपर लगाइए
कई प्लान में लिखा होता है कि 'बाज़ार हज़ारों करोड़ का है, हमें बस 1 प्रतिशत चाहिए'। ऐसा अनुमान किसी काम का नहीं, क्योंकि इससे यह पता नहीं चलता कि ग्राहक आएगा कैसे। इसकी जगह रोज़ की क्षमता से शुरू कीजिए: आपकी दुकान या मशीन एक दिन में कितना बना या बेच सकती है, कितने दिन काम होगा, और शुरुआती महीनों में उसका कितना हिस्सा सच में बिकेगा।
पहले तीन से छह महीने क्षमता का कम हिस्सा मानिए और धीरे-धीरे बढ़ाइए। त्योहार, शादी का सीज़न, बारिश या परीक्षा के महीने जैसे उतार-चढ़ाव भी लिखिए। अगर पहले से कुछ ग्राहक, ऑर्डर या पूछताछ हैं, तो वही आपका सबसे मज़बूत सबूत है; उन्हें रिपोर्ट में ज़रूर दिखाइए।
खर्च और ब्रेक-ईवन: एक छोटा रुपयों वाला उदाहरण
मान लीजिए कोई टिफ़िन सर्विस शुरू कर रहा है। एक टिफ़िन की कीमत 90 रुपये है और कच्चा माल, पैकिंग व डिलीवरी मिलाकर एक टिफ़िन पर 50 रुपये लगते हैं। यानी हर टिफ़िन से 40 रुपये बचते हैं जो तय खर्चों को ढकते हैं। तय खर्च हर महीने: किराया 15,000, दो सहायकों की तनख़्वाह 24,000 और बिजली-गैस का बुनियादी हिस्सा 6,000, कुल 45,000 रुपये। (ये नंबर सिर्फ़ समझाने के लिए हैं, अपने इलाके के असली भाव डालिए।)
ब्रेक-ईवन के लिए 45,000 को 40 से भाग दीजिए: महीने में 1,125 टिफ़िन। महीने में 26 दिन काम हो तो रोज़ लगभग 44 टिफ़िन सिर्फ़ बराबरी पर आने के लिए चाहिए। अगर रोज़ 60 टिफ़िन बिकें तो महीने में 60 x 26 x 40 = 62,400 रुपये बचते हैं, तय खर्च घटाकर 17,400 रुपये।
अब असली सबक: इस 17,400 में से अभी लोन की किस्त और मालिक की अपनी तनख़्वाह दोनों निकलनी हैं। अगर किस्त 12,000 रुपये है तो आपके लिए सिर्फ़ 5,400 बचेंगे। कई प्लान यहीं फ़ेल होते हैं, क्योंकि उनमें मालिक का समय मुफ़्त मान लिया जाता है। अपनी तनख़्वाह को खर्च में जोड़कर ही देखिए कि बिज़नेस सच में टिकाऊ है या नहीं।
बैंक लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट में क्या होना चाहिए
प्रोजेक्ट रिपोर्ट आपके एक पेज के प्लान का विस्तार है। इसमें आमतौर पर ये हिस्से होते हैं: प्रमोटर का परिचय और अनुभव, बिज़नेस का विवरण, जगह और मशीनरी, कुल प्रोजेक्ट लागत (मशीन, फ़र्नीचर, सेटअप और शुरुआती वर्किंग कैपिटल), पैसा कहाँ से आएगा (आपका हिस्सा और लोन), बिक्री और खर्च का अनुमान, अगले तीन से पाँच साल का अनुमानित लाभ-हानि और कैश फ़्लो, और लोन चुकाने की तालिका।
बैंक सबसे ध्यान से यह देखता है कि आपकी कमाई से किस्त आराम से निकलती है या नहीं, और आपने अपनी जेब से कितना लगाया है। मशीनरी और सामान के लिए असली कोटेशन लगाइए, अंदाज़े नहीं। साथ में KYC, पते का प्रमाण, किराया एग्रीमेंट, और जहाँ लागू हो वहाँ उद्यम या GST रजिस्ट्रेशन व पिछले बैंक स्टेटमेंट तैयार रखिए। अलग-अलग योजनाओं (जैसे मुद्रा या PMEGP) के अपने फ़ॉर्मेट हो सकते हैं, इसलिए बैंक से उनका फ़ॉर्मेट माँग लीजिए।
वर्किंग कैपिटल को भूलना सबसे महँगी चूक है। उधार पर माल देने वाले बिज़नेस में पैसा 30 से 60 दिन तक बाज़ार में फँसा रह सकता है, और उस दौरान भी किराया और तनख़्वाह देनी होती है।
बिजनेस प्लान और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की आम गलतियाँ
पहली गलती है बढ़ा-चढ़ाकर बिक्री दिखाना, ताकि लोन जल्दी मिल जाए। लोन मिल भी गया तो असली बिक्री कम होने पर किस्त आपकी जेब से जाएगी। दूसरी गलती है GST, ट्रांसपोर्ट, पैकिंग, मरम्मत और टूट-फूट जैसे छोटे खर्च छोड़ देना; मिलकर ये काफ़ी बड़े हो जाते हैं।
तीसरी गलती है ऐसे एजेंट को पैसे देना जो 'लोन पास करवाने वाली' रिपोर्ट मनगढ़ंत नंबरों से बना देता है। बैंक के सवालों का जवाब आपको ही देना होगा, और गलत आँकड़े आगे आपकी साख पर असर डाल सकते हैं। किसी CA से मदद लेना ठीक है, बस नंबर आपके असली हिसाब से आने चाहिए।
प्लान को हर महीने असली नंबरों से मिलाइए
प्लान बनाकर अलमारी में रख देना सबसे बड़ी बर्बादी है। हर महीने की पहली तारीख़ को 20 मिनट निकालिए और तीन चीज़ें मिलाइए: अनुमानित बिक्री बनाम असली बिक्री, अनुमानित खर्च बनाम असली खर्च, और बैंक में बचा पैसा। जहाँ फ़र्क 15 से 20 प्रतिशत से ज़्यादा हो, वहाँ वजह लिखिए और अगले तीन महीने का अनुमान ठीक कीजिए।
छोटे बिज़नेस ने शुरुआत में क्या नापा और कैसे बढ़े, इसके असली उदाहरणों के लिए WOW Mentor की नीचे दी गई ब्रीफ़िंग्स देख सकते हैं। ये अंग्रेज़ी ऑडियो में हैं, पूरी ट्रांसक्रिप्ट के साथ, और हर एक 30 मिनट से कम की है।
आज की चेकलिस्ट
- 1.एक पेज पर ग्राहक, परेशानी, प्रोडक्ट, कीमत, चैनल, शुरुआती लागत, तय खर्च और 90 दिन का लक्ष्य लिखें
- 2.बिक्री का अनुमान रोज़ की क्षमता और असली पूछताछ से नीचे से ऊपर बनाएँ
- 3.अपनी तनख़्वाह और लोन की किस्त जोड़कर ब्रेक-ईवन निकालें
- 4.मशीनरी और सेटअप के असली कोटेशन और शुरुआती वर्किंग कैपिटल रिपोर्ट में डालें
- 5.हर महीने अनुमान और असली नंबर मिलाएँ और फ़र्क की वजह लिखें
संबंधित ब्रीफिंग
अंग्रेज़ी ऑडियो, पूरे ट्रांसक्रिप्ट के साथ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिजनेस प्लान और प्रोजेक्ट रिपोर्ट में क्या फ़र्क है?
बिजनेस प्लान आपके लिए है: किसे, क्या, किस कीमत पर और कैसे बेचेंगे। प्रोजेक्ट रिपोर्ट उसी प्लान का वित्तीय विस्तार है जो बैंक या निवेशक के लिए बनता है, जिसमें प्रोजेक्ट लागत, पैसे का स्रोत, अनुमानित लाभ-हानि, कैश फ़्लो और लोन चुकाने की तालिका होती है।
क्या इंटरनेट से डाउनलोड की गई प्रोजेक्ट रिपोर्ट से लोन मिल जाएगा?
फ़ॉर्मेट समझने के लिए तैयार टेम्पलेट देखना ठीक है, पर नंबर आपके अपने होने चाहिए। बैंक आपकी जगह, कोटेशन, अनुभव और बिक्री के आधार पर सवाल पूछता है, और कॉपी किए गए आँकड़े वहीं पकड़ में आ जाते हैं।
बिजनेस प्लान कितने साल का बनाना चाहिए?
अपने काम के लिए पहला साल महीनेवार बनाइए, क्योंकि वही सबसे ज़्यादा काम आता है। बैंक आमतौर पर लोन की अवधि के हिसाब से तीन से पाँच साल का अनुमान माँगता है; आगे के सालों के नंबर सरल और सावधानी से रखें।