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ट्रेडमार्क — ब्रांड बचाने की गाइड

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कैसे करें: सर्च, क्लास, फीस और TM का मतलब

पैकेजिंग, साइनबोर्ड और वेबसाइट पर पैसा लगाने से पहले ट्रेडमार्क सर्च कीजिए, क्योंकि बाद में नाम बदलना सबसे महंगा रीब्रांड होता है।

छोटे ब्रांड के साथ एक आम कहानी होती है: नाम चुना, हजारों पैकेट छपवाए, इंस्टाग्राम पेज बढ़ाया, और फिर किसी दूसरे ब्रांड का नोटिस आया कि ये नाम उनका है या उनके नाम से मिलता-जुलता है। तब तक पैकेजिंग, स्टॉक और ग्राहकों की पहचान, तीनों दांव पर होते हैं।

यह गाइड बताती है कि IP India पोर्टल पर खुद पब्लिक सर्च कैसे करें, सही क्लास कैसे चुनें, आवेदन (फॉर्म TM-A) कैसे भरें, सरकारी फीस कितनी है और आवेदन के बाद आपत्ति या विरोध आए तो क्या होता है। फीस और नियम 2026 में IP India की आधिकारिक सूची पर आधारित हैं; आवेदन से पहले वहां ताजा फीस जरूर देखें।

ट्रेडमार्क पब्लिक सर्च: नाम तय करने से पहले

IP India की वेबसाइट पर ‘Search existing trademarks’ की सुविधा मुफ्त है। वहां अपने नाम को तीन तरह से खोजें: हूबहू नाम, मिलती-जुलती स्पेलिंग (जैसे K और C, या Z और S का फर्क) और मिलता-जुलता उच्चारण। सिर्फ अपनी क्लास में नहीं, उससे जुड़ी क्लास में भी देखें, जैसे कपड़े और जूते, या स्नैक्स और पेय।

सर्च का नतीजा तीन तरह का होता है। कोई मिलता नाम नहीं: आगे बढ़ें। मिलता नाम है पर अलग क्लास या बिल्कुल अलग कारोबार में: जोखिम कम है, पर किसी जानकार से राय लें। आपकी ही क्लास में मिलता नाम पहले से है: नाम बदलने पर गंभीरता से सोचें। सामान्य शब्द (जैसे ‘बेस्ट’, ‘फ्रेश’, ‘इंडिया’) या सीधे प्रोडक्ट का वर्णन करने वाले नाम पर रजिस्ट्रेशन मिलना मुश्किल होता है।

सही क्लास कैसे चुनें

भारत में ट्रेडमार्क Nice वर्गीकरण के 45 क्लास में होते हैं: क्लास 1 से 34 सामान के लिए और 35 से 45 सर्विस के लिए। हर क्लास के लिए अलग फीस लगती है, इसलिए ‘सब क्लास में ले लो’ वाली सलाह महंगी पड़ सकती है। वह क्लास चुनें जिसमें आप आज बेच रहे हैं और अगले दो-तीन साल में पक्का बेचेंगे।

कुछ उदाहरण समझ के लिए: पैक्ड मसाले और स्नैक्स आम तौर पर खाद्य वस्तुओं की क्लास (29 या 30) में आते हैं, कपड़े 25 में, कॉस्मेटिक्स 3 में, और रेस्टोरेंट या कैफे सर्विस 43 में। आपके प्रोडक्ट की सही क्लास के लिए IP India पर उपलब्ध क्लास सूची और गुड्स-सर्विसेज की डिटेल देखें, और विवरण उतना ही लिखें जितना सच में करते हैं।

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन फीस 2026

IP India की आधिकारिक फीस सूची के अनुसार, नया आवेदन (फॉर्म TM-A) हर मार्क और हर क्लास के लिए लगता है। व्यक्ति, स्टार्टअप या स्मॉल एंटरप्राइज के लिए ई-फाइलिंग की फीस 4,500 रुपये और कागजी फाइलिंग की 5,000 रुपये है। बाकी सभी मामलों में ई-फाइलिंग 9,000 और कागजी 10,000 रुपये है। स्टार्टअप या स्मॉल एंटरप्राइज वाली कम फीस के लिए उसका प्रमाण (जैसे DPIIT मान्यता या Udyam) देना होता है।

रजिस्ट्रेशन 10 साल के लिए वैध रहता है, जो आवेदन की तारीख से गिना जाता है, और हर 10 साल पर नवीनीकरण करवाया जा सकता है; नवीनीकरण की ई-फाइलिंग फीस प्रति क्लास 9,000 रुपये है। एजेंट या वकील की फीस इसके अलावा है। अगर आप DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, तो IP India पर स्टार्टअप्स के लिए facilitator योजना (SIPP) की जानकारी भी देख लें।

IP India पोर्टल पर आवेदन और उसके बाद क्या होता है

ई-फाइलिंग IP India के ऑनलाइन पोर्टल पर होती है। आवेदक का नाम, पता, मार्क (शब्द, लोगो या दोनों), क्लास, सामान या सर्विस का विवरण, और ‘इस्तेमाल हो रहा है’ या ‘इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है’ भरना होता है। अगर आप पहले से इस्तेमाल का दावा करते हैं तो उसकी तारीख और यूजर एफिडेविट व सबूत (बिल, पैकेजिंग, विज्ञापन) चाहिए। आवेदन के साथ एक एप्लीकेशन नंबर मिलता है, जिससे स्टेटस ट्रैक होता है।

इसके बाद परीक्षक आवेदन जांचता है। आपत्ति आने पर जवाब तय समय में देना होता है, और जरूरत पड़े तो सुनवाई होती है। स्वीकार होने पर मार्क Trade Marks Journal में प्रकाशित होता है और कोई तीसरा पक्ष चार महीने के भीतर विरोध (opposition) कर सकता है। विरोध न आए या आपके पक्ष में निपट जाए, तो रजिस्ट्रेशन मिलता है। पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, ये आपत्ति और विरोध पर निर्भर है; पोर्टल पर स्टेटस नियमित देखते रहें, क्योंकि जवाब की समय-सीमा चूकने पर आवेदन छूट सकता है।

हर आवेदन और हर नोटिस पर नजर रखें, ईमेल को स्पैम में न जाने दें, और अपने सबूत (पहली बिक्री का बिल, पुराने पोस्ट) संभालकर रखें।

™ और ® का फर्क, और आम गलतियां

™ चिन्ह आप आवेदन से पहले या आवेदन के बाद भी इस्तेमाल कर सकते हैं; ये सिर्फ बताता है कि आप इस नाम को अपना ब्रांड मानते हैं। ® का इस्तेमाल सिर्फ रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद, उसी क्लास के सामान या सर्विस पर किया जा सकता है; बिना रजिस्ट्रेशन ® लगाना कानूनन गलत है।

आम गलतियां: लोगो बनवाने के बाद सर्च करना, डोमेन और सोशल हैंडल को ट्रेडमार्क मान लेना, गलत नाम से (जैसे किसी रिश्तेदार के नाम पर) आवेदन करना, और आपत्ति का नोटिस अनदेखा करना। ब्रांड की असली ताकत नाम से ज्यादा उस मांग में है जो आप बनाते हैं; ब्रांड और मांग बनाने पर WOW Mentor की संबंधित ब्रीफिंग अंग्रेजी ऑडियो में हैं, पूरी ट्रांसक्रिप्ट के साथ।

आज की चेकलिस्ट

  • 1.IP India पब्लिक सर्च पर नाम की हूबहू, मिलती स्पेलिंग और मिलते उच्चारण वाली खोज करें
  • 2.आज और अगले 2-3 साल के प्रोडक्ट के हिसाब से 1-2 क्लास तय करें
  • 3.स्टार्टअप या स्मॉल एंटरप्राइज हैं तो कम फीस के लिए DPIIT या Udyam प्रमाण तैयार रखें
  • 4.पहली बिक्री के बिल, पैकेजिंग फोटो और तारीख वाले सबूत एक फोल्डर में रखें
  • 5.आवेदन के बाद हर महीने पोर्टल पर स्टेटस देखें और किसी भी आपत्ति का जवाब समय पर दें

संबंधित ब्रीफिंग

अंग्रेज़ी ऑडियो, पूरे ट्रांसक्रिप्ट के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की सरकारी फीस कितनी है?

IP India की सूची के अनुसार व्यक्ति, स्टार्टअप या स्मॉल एंटरप्राइज के लिए ई-फाइलिंग 4,500 रुपये प्रति क्लास है, और बाकी आवेदकों के लिए 9,000 रुपये। फीस बदल सकती है, आवेदन से पहले आधिकारिक सूची देखें।

क्या आवेदन करते ही मैं ® लगा सकता हूं?

नहीं। आवेदन के बाद आप ™ लगा सकते हैं। ® सिर्फ रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद लगाया जाता है।

क्या बिना वकील के ट्रेडमार्क फाइल कर सकते हैं?

हां, आवेदक खुद ई-फाइलिंग कर सकता है। आपत्ति, सुनवाई या विरोध की स्थिति में किसी ट्रेडमार्क एजेंट या वकील की मदद लेना समझदारी है।

WOW Mentor का कंटेंट किस भाषा में है?

ऑडियो ब्रीफिंग अंग्रेजी और कोरियन में हैं, पूरी ट्रांसक्रिप्ट के साथ। ये हिंदी गाइड मुफ्त हैं।

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