WOW Mentor

GST रजिस्ट्रेशन — प्रैक्टिकल गाइड

जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे करें: लिमिट, डॉक्यूमेंट और पूरा प्रोसेस

GST नंबर लेना फॉर्म भरने का काम बाद में है, पहले ये फैसला है कि आपको अभी इसकी जरूरत है या नहीं, क्योंकि नंबर के साथ हर महीने की जिम्मेदारी भी आती है।

छोटे दुकानदार और नए सेलर अक्सर दो में से एक गलती करते हैं। कुछ लोग पहले ही दिन एजेंट को पैसे देकर GST नंबर ले लेते हैं और फिर बिक्री लिमिट से काफी नीचे होते हुए भी हर महीने रिटर्न के झंझट में फंसते हैं। दूसरे तब तक टालते हैं जब तक कोई बड़ा ग्राहक GST बिल न मांग ले या मार्केटप्लेस लिस्टिंग न रोक दे।

इस गाइड में पहले तय करेंगे कि आप पर रजिस्ट्रेशन लागू होता है या नहीं, फिर gst.gov.in पर खुद आवेदन का तरीका, जरूरी डॉक्यूमेंट और नंबर मिलने के बाद पहले महीने के काम। जानकारी 2026 के नियमों पर आधारित है; आखिरी पुष्टि GST पोर्टल पर करें।

GST रजिस्ट्रेशन लिमिट 2026: टर्नओवर कितना होने पर नंबर जरूरी है

अगर आप सिर्फ सामान (goods) बेचते हैं तो ज्यादातर राज्यों में सालाना aggregate turnover 40 लाख रुपये से ऊपर जाने पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है। अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड में ये लिमिट 20 लाख है। सर्विस देने वालों के लिए लिमिट 20 लाख है, और मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड व त्रिपुरा में 10 लाख। कुछ खास सामान पर 40 लाख वाली ऊंची छूट लागू नहीं होती, इसलिए अपने प्रोडक्ट के लिए पोर्टल या किसी जानकार से पुष्टि कर लें।

Aggregate turnover का मतलब सिर्फ एक दुकान की बिक्री नहीं है। एक ही PAN पर देशभर की सारी टैक्सेबल, छूट वाली (exempt) और एक्सपोर्ट बिक्री इसमें जुड़ती है।

व्यावहारिक तरीका: पिछले 12 महीनों की बिक्री महीने-दर-महीने लिख लीजिए। लिमिट के 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं और बिक्री बढ़ रही है, तो तैयारी अभी शुरू करें। लिमिट पार होने के 30 दिन के अंदर आवेदन करना होता है।

लिमिट से कम बिक्री पर भी GST नंबर कब लेना पड़ता है

दूसरे राज्य में सामान बेचना सबसे आम वजह है। अगर आप goods की inter-state बिक्री करते हैं, तो टर्नओवर कम होने पर भी सामान्य नियम के तहत रजिस्ट्रेशन लेना पड़ता है। सर्विस वालों को राहत है: 20 लाख तक की टर्नओवर वाले सर्विस प्रोवाइडर inter-state सर्विस देने पर भी रजिस्ट्रेशन से छूट पाते हैं।

ऑनलाइन बेचने वालों के लिए अक्टूबर 2023 से एक रास्ता खुला है। अगर आपकी टर्नओवर लिमिट से कम है और आप मार्केटप्लेस के जरिए सिर्फ अपने ही राज्य के अंदर सामान बेचते हैं, तो GSTIN की जगह पोर्टल पर PAN के जरिए enrolment number लेकर बेच सकते हैं। जैसे ही आप दूसरे राज्य में बेचना चाहेंगे, ये छूट खत्म हो जाती है। ई-कॉमर्स के जरिए सर्विस देने वाले 20 लाख तक की टर्नओवर पर छूट में हैं। हर प्लेटफॉर्म की अपनी शर्तें भी होती हैं, इसलिए सेलर अकाउंट खोलते समय उनकी नीति पढ़ लें।

कभी-कभी कानून नहीं, बाजार नंबर मंगवाता है। अगर आपके ग्राहक खुद GST में रजिस्टर्ड कंपनियां हैं, तो वे input tax credit के लिए GST बिल चाहेंगे और स्वेच्छा से (voluntary) रजिस्ट्रेशन समझदारी हो सकती है। ग्राहक आम उपभोक्ता हैं तो बिना जरूरत नंबर लेने से कीमत और कंप्लायंस दोनों बढ़ते हैं।

gst.gov.in पर GST नंबर कैसे लें: स्टेप बाय स्टेप

पहला हिस्सा (Part A): gst.gov.in पर Services, फिर Registration, फिर New Registration चुनें। अपना PAN, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें और OTP से वेरिफाई करें। इसके बाद एक Temporary Reference Number (TRN) मिलता है। ध्यान रखें कि मोबाइल और ईमेल आपके अपने हों, किसी एजेंट के नहीं, क्योंकि आगे हर नोटिस और OTP इन्हीं पर आएगा।

दूसरा हिस्सा (Part B): TRN से लॉगिन करके बिजनेस की जानकारी, प्रोप्राइटर या प्रमोटर की डिटेल, बिजनेस की मुख्य जगह, बैंक खाता और बेचे जाने वाले सामान या सर्विस भरें। आम तौर पर ये डॉक्यूमेंट लगते हैं: PAN, आधार, फोटो, दुकान या ऑफिस के पते का सबूत (अपनी जगह हो तो बिजली बिल या मालिकाना कागज, किराए की हो तो रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक का NOC) और बैंक डिटेल।

आवेदन के बाद आधार ऑथेंटिकेशन होता है: कभी मोबाइल OTP से, और कभी पोर्टल GST सुविधा केंद्र पर स्लॉट बुक करके बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए बुलाता है। 1 नवंबर 2025 से Rule 14A का आसान रास्ता भी है: अगर रजिस्टर्ड खरीदारों को सप्लाई पर आपकी मासिक आउटपुट टैक्स देनदारी 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी, तो ये विकल्प चुनकर तीन कामकाजी दिनों में रजिस्ट्रेशन मिल सकता है। इससे बाहर निकलने की शर्तें अलग हैं, चुनने से पहले पढ़ लें।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस, एजेंट और नकली वेबसाइट

‘जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है’ सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। सरकारी GST पोर्टल पर सामान्य रजिस्ट्रेशन के आवेदन के लिए कोई सरकारी फीस नहीं भरनी होती। बाजार में दिखने वाले पैकेज CA, टैक्स प्रैक्टिशनर या एजेंट की सर्विस फीस हैं। एजेंट लेना गलत नहीं, बस लिखित में तय करें कि फीस में सिर्फ नंबर दिलवाना है या शुरुआती रिटर्न फाइलिंग भी।

इंटरनेट पर कई वेबसाइट का नाम और डिजाइन सरकारी जैसा लगता है, जो ‘GST registration online’ के नाम पर फॉर्म भरवाकर पैसे लेती हैं। असली पोर्टल सिर्फ gst.gov.in है। किसी को अपना पासवर्ड या OTP न बताएं, और CA से काम करवाएं तब भी रजिस्ट्रेशन में अपना ही मोबाइल और ईमेल डलवाएं।

GST नंबर मिलने के बाद पहले महीने के काम

सबसे पहले तय करें कि आप regular scheme में रहेंगे या composition scheme लेंगे। Composition में सामान बेचने वाले छोटे बिजनेस (पिछले साल की टर्नओवर 1.5 करोड़ तक, कुछ राज्यों में 75 लाख) एक तय कम दर पर टैक्स भरते हैं और तिमाही आधार पर पेमेंट करते हैं, पर वे input tax credit नहीं ले सकते, टैक्स अलग से वसूल नहीं कर सकते और inter-state सप्लाई नहीं कर सकते। सर्विस वालों के लिए भी 50 लाख तक की टर्नओवर पर एक अलग composition विकल्प है।

Regular scheme में दो मुख्य रिटर्न हैं: GSTR-1 (बिक्री की डिटेल) और GSTR-3B (टैक्स का सार और भुगतान)। मासिक फाइल करने वालों के लिए GSTR-1 की आखिरी तारीख अगले महीने की 11 तारीख है। 5 करोड़ तक की टर्नओवर वाले QRMP स्कीम चुनकर GSTR-1 तिमाही में भर सकते हैं, जिसकी तारीख तिमाही के बाद वाले महीने की 13 तारीख है। बिक्री न हुई हो तब भी nil रिटर्न भरना होता है, वरना लेट फीस लगती है।

पहले महीने से तीन आदतें डालें: हर बिल पर अपना GSTIN और सही HSN या SAC कोड, दुकान पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और GSTIN प्रदर्शित करना, और हर खरीद-बिक्री की एंट्री उसी हफ्ते दर्ज करना। रिटर्न की ज्यादातर परेशानी महीने के आखिर के अधूरे हिसाब से आती है। मार्केटप्लेस और छोटे ब्रांड्स ने शुरुआती दौर कैसे संभाला, इस पर WOW Mentor की संबंधित ब्रीफिंग अंग्रेजी ऑडियो में हैं, साथ में पूरी ट्रांसक्रिप्ट मिलती है।

आज की चेकलिस्ट

  • 1.पिछले 12 महीनों की बिक्री निकालकर देखें कि आप अपने राज्य की goods या services लिमिट के कितने करीब हैं
  • 2.तय करें कि आप दूसरे राज्य में बेचते हैं या बेचने वाले हैं, क्योंकि goods की inter-state बिक्री पर नंबर जरूरी हो जाता है
  • 3.PAN, आधार, फोटो, पते का सबूत और बैंक डिटेल स्कैन करके एक फोल्डर में रखें
  • 4.सिर्फ gst.gov.in पर अपने मोबाइल और ईमेल से आवेदन करें, और OTP किसी से साझा न करें
  • 5.नंबर मिलते ही regular या composition स्कीम चुनें और रिटर्न की तारीखें कैलेंडर में डाल दें

संबंधित ब्रीफिंग

अंग्रेज़ी ऑडियो, पूरे ट्रांसक्रिप्ट के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 40 लाख से कम बिक्री पर GST नंबर लेना जरूरी है?

अगर आप सिर्फ अपने राज्य में सामान बेचते हैं और आपका राज्य 40 लाख वाली लिमिट में आता है, तो आम तौर पर नहीं। goods की inter-state बिक्री और कुछ खास प्रोडक्ट पर नियम अलग हैं, इसलिए पोर्टल पर पुष्टि करें।

GST नंबर मिलने में कितना समय लगता है?

डॉक्यूमेंट सही हों और आधार ऑथेंटिकेशन OTP से हो जाए, तो आम तौर पर कुछ कामकाजी दिनों में नंबर मिल जाता है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन या अधिकारी की क्वेरी आने पर समय बढ़ता है। Rule 14A चुनने वाले पात्र आवेदकों के लिए तीन कामकाजी दिन की सीमा है।

क्या मैं बिना CA के खुद GST रजिस्ट्रेशन कर सकता हूं?

हां, gst.gov.in पर प्रोप्राइटर खुद आवेदन कर सकता है और पोर्टल पर हर स्टेप की यूजर गाइड है। दिक्कत आम तौर पर पते के सबूत और बिजनेस कैटेगरी चुनने में आती है। पार्टनरशिप या कंपनी हो तो एक बार किसी प्रोफेशनल से जांच करवा लें।

WOW Mentor की ब्रीफिंग किस भाषा में हैं?

ऑडियो ब्रीफिंग अंग्रेजी और कोरियन में हैं, पूरी ट्रांसक्रिप्ट के साथ। हिंदी में ये लिखित गाइड मुफ्त हैं।

तीस मिनट, जो आपका अगला फैसला बेहतर बनाएं

सफल कंपनियों ने असल में क्या किया — अंग्रेज़ी ऑडियो और पूरा ट्रांसक्रिप्ट। मुफ्त शुरुआत, कार्ड की ज़रूरत नहीं।

और गाइड